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जर्मनी की विदेश प्रसारण सेवा डॉयचे वेले ने 15 अगस्त, 1964 को हिन्दी कार्यक्रम की शुरुआत की. भारत के बाहर डॉयचे वेले इकलौता अंतरराष्ट्रीय रेडियो स्टेशन था, जहां से संस्कृत में भी कार्यक्रम प्रसारित किए गए. सिर्फ़ 15 मिनट के कार्यक्रम से शुरू हुई हिन्दी सेवा में अब 45 साल बाद दिन में दो बार 30 मिनट के कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं और वेबसाइट पर इसकी मौजूदगी बड़ी मज़बूती के साथ दिख रही है. लेकिन निष्पक्ष और सटीक समाचारों का सिलसिला अब भी जारी है.
हिंदी विभाग
जर्मनी की विदेश प्रसारण सेवा डॉयचे वेले ने 15 अगस्त, 1964 को हिन्दी कार्यक्रम की शुरुआत की. भारत के बाहर डॉयचे वेले इकलौता अंतरराष्ट्रीय रेडियो स्टेशन था, जहां से संस्कृत में भी कार्यक्रम प्रसारित किए गए. सिर्फ़ 15 मिनट के कार्यक्रम से शुरू हुई हिन्दी सेवा में अब 45 साल बाद दिन में दो बार 30 मिनट के कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं और वेबसाइट पर इसकी मौजूदगी बड़ी मज़बूती के साथ दिख रही है. लेकिन निष्पक्ष और सटीक समाचारों का सिलसिला अब भी जारी है.